चिकित्सक का अस्तित्व: 6 वर्षीय चिकित्सा शिक्षा, राष्ट्रीय परीक्षा, नैदानिक रेज़ीडेंसी, नई विशेषज्ञ प्रणाली से लेकर चिकित्सा कानून और जैव नैतिकता की गहराइयों तक